पेड़ो की ये शान तो देखो, पेड़ो की ये आन तो देखो, पेड़ो की देखो ये महानता, खुद धूप में खड़ा है रहता, पर हमको छाओ है देता। पेड़ो को काटकर करो न भूल, क्योंकि हमको देतें है ये फल-फूल। पेड़ो की ये शान तो देखो, पेड़ो की ये आन तो देखो। पेड़ो की देखकर शीतल छाया, भूल जाओगे जीवन की सारी मोह माया। पेड़ हमे जीवन देते हैं, लेकिन हमसे कुछ नही लेते हैं। पेड़ बहुत गुणकारी है, इनसे ही हरयाली है। पेड़ हमे देते हैं स्वच्छ वायु, पेड़ हमे देते लम्बी आयु। पेडो की शान तो देखो पेड़ों की आन तो देखो मैं पेड़ हूँ, मैं पेड़ हूँ, मेरी क्या खता है, मुझे मत काटों, मुझे बहुत दुखता है। मैंने तो तुम्हे कभी न बांटा, फिर तुमने क्यों ये जंगल काटा। पक्षी करते हैं मुझ पर रैन बसेरा, मैं ही बनाता हूँ जीवन का घेरा। फिर भी कटता हूँ, फिर भी पिटता हूँ, मैं अपनी अकाल मृत्यु से डरता हूँ। मैं पेड़ हूँ मैं पेड़ हूँ, मेरी क्या ख़ता है, मुझे मत काटो, मुझे बहुत दुखता है। मैं ही तो बादल बनाता हूँ, रिम झिम बूंदों के बांध चलाता हूँ। फिर भी मुझे क्यों काटा जाता है, क्या मैने कभी तुम बांटा है। मैंने सदा स्वच्छ वायु का निर्माण किय...